Wednesday, April 1, 2009

अब मीडिया में क्रांन्ति होगी !

मंदी के नाम पर मीडिया में इन दिनों खूब नौटंकी हो रही है . कर्मचारियों की छटनी से लेकर वेतन कटौती तक सब खेल चल रहा है . मैनेजमेंट के खिलाफ मूंह भला कौन खोले .नव पत्रकारों का तो और बूरा हाल है . इनको भटकाने वालो की कमी भी नही हैं .मीडिया में अपने आप को सिद्धांतवादी होने का डंका पिटने वाले ही सबसे ज्यादा पत्रकारों का शोषण कर रहे हैं . नए पत्रकारों में उनको पत्रकारिता के कोई गुण ही नजर नही आता ! कुछ दिन पहले मै एक मैगजीन के संपादक से मिला . लक्ष्मी नगर में उनकी पत्रकार बनाने की दुकान है . उनका कहना है कि वे पत्रकारों को बनाते है . उनके यहां उन सभी नवपत्रकारों का स्वागत है जो बिना पैसे उनके लिए काम करे . ऐसे सिद्धंतवादियों कि कमी नहीं हैं . जो अपने को बहुत बड़ा घोषित करने के चक्कर में खुद के अतीत को भूल जाते हैं . ऐसे मीडिया के दुश्मनों का बहिष्कार जरुरी है. नहीं सुधरे तो इनके खिलाफ नवपत्रकारों को बौद्धिक क्रांति करनी पड़ेगी !

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