
राम कोई व्यक्ति नही हैं
By
Ashutosh Kumar Singh
आज रामनवमी है.सारा देश इस पर्व को धूम-धाम से मना रहा है. पर जो अहम सवाल है वह है राम के व्यक्तित्व को कितने लोग अपना रहे हैं. राम का नाम जपना अलग बात है,पर राम को अपने में समाहित कर पाना दूसरी बात. राम नाम जपना ,पराया माल अपना से कब तक काम चलेगा.न तो हम राम के हो पाए है और न ही राम को अपना बना पाए हैं . ऐसे में न तो हम अपना भला कर पाए और न ही राम का भला होने दिया . बेचारे राम कुछ राजनेताओं के मसीहा बनकर ही सीमित रह गए . हालांकि राम कोई व्यक्ति नही हैं और न ही कोई धर्म. राम तो मानवता का स्वरुप हैं . जहां पर दया ,परोपकार .आज्ञाकारिता , सुशासन,कर्तव्यपरायणता और हम सब एक है का ही मंत्र उच्चारण होता है.इन सब का समग्र राम हैं .

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